उत्तराखंड में 1992 बैच के ये IAS अफसर बन सकते हैं ब्यूरोक्रेसी के नए ‘बॉस’, राधा रतूड़ी ने इस पद के लिए किया आवेदन 

उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड में अगले कुछ दिन ब्यूरोक्रेसी को लेकर बेहद खास रहेंगे. दरअसल राज्य में मुख्य सचिव पद से लेकर शासन में सचिव और जिलों के जिलाधिकारियों तक को लेकर फैसला होने जा रहा है. इसमें सबसे खास मुख्य सचिव पद पर निर्णय रहेगा. जिसमें आईएस अफसर आनंद वर्धन का चयन करीब करीब तय माना जा रहा है. इसके पीछे की वजह राज्य में उनका सबसे सीनियर होना है.

उत्तराखंड में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का सेवा विस्तार 31 मार्च को खत्म हो रहा है. इस तरह देखा जाए तो मुख्य सचिव राधा रतूड़ी के पास अब 5 दिन का ही वक्त बचा है. हालांकि शनिवार, रविवार और सोमवार को छुट्टी रहने के कारण वर्किंग डे के रूप में राधा रतूड़ी के पास 2 दिन ही हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिरकार 1 अप्रैल से उत्तराखंड में नए मुख्य सचिव के तौर पर कौन जिम्मेदारी संभालने जा रहा है. इस सवाल का जवाब फिलहाल 1992 बैच के आईएएस अधिकारी आनंद वर्धन हो सकते हैं.

वर्तमान में अपर मुख्य सचिव हैं आनंद वर्धन

उत्तराखंड में आनंद वर्धन आईएएस कैडर के सबसे सीनियर अधिकारी हैं और शासन में अपर मुख्य सचिव (ACS) के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. खास बात यह है कि राज्य में इस समय केवल एक एसीएस स्तर के अधिकारी मौजूद हैं. ऐसे में सरकार के पास भी मुख्य सचिव पद पर कोई दूसरा नाम विकल्प के तौर पर नहीं दिखाई देता.

प्रमुख सचिव स्तर के दो अधिकारी मौजूद

उत्तराखंड शासन में प्रमुख सचिव स्तर पर भी दो सीनियर आईएएस अधिकारी हैं. इसमें आईएएस अफसर आर के सुधांशु और एल फैनई का नाम शामिल हैं. ये दोनों ही अधिकारी 1997 बैच के आईएएस अफसर हैं. खास बात ये है कि अभी एसीएस स्तर पर प्रमोशन के लिए ये दोनों अधिकारी सेवाकाल पूरा नहीं कर पाए हैं.

राधा रतूड़ी कर चुकी हैं मुख्य सूचना आयुक्त पद पर आवेदन

मुख्य सचिव राधा रतूड़ी को राज्य में इस पद पर बने रहने के लिए दो बार 6-6 महीने का सेवा विस्तार मिल चुका है. अब तीसरी बार सेवा विस्तार की संभावना न के बराबर ही दिखाई दे रही है. उधर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी मुख्य सूचना आयुक्त पद पर आवेदन कर चुकी हैं. अप्रैल महीने तक सरकार को भी किसी भी हाल में मुख्य सूचना आयुक्त पद पर किसी की नियुक्ति करना बेहद जरूरी है. ऐसा इसलिए क्योंकि अप्रैल महीने में सूचना आयोग में केवल एक ही सूचना आयुक्त रह जाएंगे और ऐसी स्थिति में आयोग का काम पूरी तरह से ठप हो जाएगा. जाहिर है सरकार अप्रैल में मुख्य सूचना आयुक्त के पद पर अनिवार्य रूप से किसी की तैनाती करेगी. जिसके कारण उम्मीद लगाई जा रही है कि राधा रतूड़ी को मुख्य सूचना आयुक्त के तौर पर चयनित किया जा सकता है.

मुख्य सचिव के अलावा शासन में सचिव और जिलाधिकारियों के बदलाव पर भी नजर

उत्तराखंड में मुख्य सचिव के तौर पर तो निर्णय होने ही जा रहा है, इसके अलावा ब्यूरोक्रेसी में दूसरे कई बड़े बदलाव भी होना तय है. आईएएस आनंद वर्धन के मुख्य सचिव बनने की स्थिति में उनके पास मौजूद जिम्मेदारियों को लेकर भी निर्णय होगा. इतना ही नहीं, शासन में सचिव स्तर पर कुछ बड़े विभागों में भी बदलाव की उम्मीद है. दरअसल सचिव स्तर के कुछ अधिकारियों को पिछले काफी समय से कुछ खास जिम्मेदारी नहीं मिल पाई है. लिहाजा, इन अधिकारियों को कुछ महत्वपूर्ण पद मिलने की उम्मीद है.

बात केवल शासन स्तर में बड़े पदों में होने वाले बदलाव तक की ही नहीं है. शासन के ही कुछ अपर सचिव जिलों में जिलाधिकारी पद पर जिम्मेदारी पा सकते हैं. यही नहीं, जिलों में प्राधिकरण या दूसरी जिम्मेदारी निभा रहे आईएएस अधिकारी भी जिलाधिकारी के तौर पर बड़े जिलों में जा सकते हैं. माना जा रहा है कि करीब 4 से 5 जिलों में फेरबदल हो सकता है.

जिलों के जिलाधिकारियों के अलावा सीडीओ पद पर भी कुछ सीनियर पीसीएस जिम्मेदारी पा सकते हैं. हालांकि पूर्व में कार्मिक विभाग ने बेहद चौंकाने वाला निर्णय लेते हुए सीनियर पीसीएस को देहरादून और दूसरे जिलों में एडीएम बनाया था. ऐसे में इसमें भी कुछ सुधार हो सकता है.

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