उत्तराखंड: सचिवालय सेवा में सरेंडर विवाद ने पकड़ा तूल, संघ ने चेताया आंदोलन का रास्ता

उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड सचिवालय में अभी वित्त सेवा के 3 अधिकारियों को समर्पित करने का मामला चल ही रहा था कि एक और कर्मी को सरेंडर करने के मामले ने इस विवाद को तूल दे दिया है. स्थिति यह है कि अब सचिवालय संघ ने ऐसी कार्रवाईयों पर नाराजगी जताते हुए आर पार की लड़ाई लड़ने के संकेत दिए हैं.

उत्तराखंड सचिवालय में सचिवालय सेवा के अधिकारियों को लगातार सरेंडर किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. बीते दिनों वित्त सेवा के तीन अधिकारियों को विभाग में समर्पित किए जाने के बाद अब एक और सचिवालय सेवा के अधिकारी को सरेंडर किए जाने से कर्मचारियों में रोष की लहर है. सचिवालय सेवा के अधिकारी और कर्मचारी इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए खुलकर विरोध जताने लगे हैं.

सचिवालय संघ के अनुसार, पिछले कुछ समय में सचिवालय सेवा के अधिकारियों को उनके अनुभागों से हटाने और सरेंडर करने की घटनाएं बढ़ी हैं. इसको लेकर सचिवालय सेवा संघ और सचिवालय में तैनात ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों के बीच मतभेद की स्थिति बन गई है. संघ का आरोप है कि बिना ठोस कारण बताए अधिकारियों को हटाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है.

इस प्रकरण पर सचिवालय सेवा संघ ने मुख्य सचिव के नाम एक पत्र भेजकर गहरी चिंता जताई है. संघ ने वित्त सचिव से भी मुलाकात कर तीन अधिकारियों को अनुभाग से हटाए जाने के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है. संघ का कहना है कि यदि यह रवैया आगे भी जारी रहा, तो सचिवालय सेवा के कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे.

सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी ने कहा कि सचिवालय सेवा के अधिकारियों को बिना किसी स्पष्ट कारण के सरेंडर करना न तो न्यायोचित है और न ही प्रशासनिक दृष्टि से सही. उन्होंने बताया कि इस मामले में सक्षम स्तर पर बातचीत की जा चुकी है, लेकिन यदि भविष्य में भी सचिव स्तर के अधिकारी इसी तरह की कार्रवाई करते रहे, तो संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा.

राज्य सचिवालय में बढ़ती इस खींचतान ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है. जानकारों का मानना है कि यदि इस विवाद का समाधान जल्द नहीं निकाला गया तो सचिवालय की कार्यप्रणाली पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है.

दरअसल एक दिन पहले ही वित्त विभाग के अंतर्गत वित्त अनुभाग चार और 10 की जिम्मेदारी देख रहे अनुसचिव सत्येंद्र बर्मन, अनुभाग अधिकारी अरविंद सिंह और कमल कुमार को हटाया गया था. जबकि अब स्वास्थ्य विभाग के भी अनुभाग में समीक्षा अधिकारी शुभम को देरी से आने और काम में लापरवाही के चलते हटाया गया है. उधर इस मामले पर सचिवालय प्रशासन के सचिव दीपेंद्र चौधरी से फोन पर बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया.

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