ऋषिकेश में इंटरनेशनल योग फेस्टिवल का समापन, उत्तराखंड से दुनिया को गया ‘स्वास्थ्य’ संदेश

उत्तराखंड

ऋषिकेशः योग नगरी ऋषिकेश में अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव का आज समापन हो गया है. इस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश ना केवल चारधाम यात्रा का प्रवेश द्वार है, बल्कि यह विश्व योग और आध्यात्म की अंतरराष्ट्रीय राजधानी भी है. इस देवभूमि में ऋषि-मुनियों ने कठिन साधना कर स्वास्थ्य रक्षा के लिए योग और प्राणायाम के ऐसे सूत्र तलाशे हैं, जो मानव सभ्यता के लिए वरदान साबित हुए हैं.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने देश-विदेश से आए योग साधकों, योगाचार्यों, योग गुरुओं, कथावाचक, सभी प्रतिभागियों और व्यवस्था में लगे पर्यटन विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों का धन्यवाद और आभार व्यक्त किया.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि ऋषिकेश सदियों से योग की भूमि रही है. दुनिया भर के संत, महात्मा और साधक की यह साधना भूमि रही है. उत्तराखंड को योग की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से हर वर्ष की तरह इस बार भी अंतराष्ट्रीय योग महोत्सव 1 मार्च से 7 मार्च तक गंगा जी के पवित्र तट पर आयोजित किया गया.

उन्होंने कहा कि इस आयोजन में देश-विदेश के लगभग 410 प्रतिभागियों ने प्रतिदिन योगाभ्यास किया. योग महोत्सव में विभिन्न देशों से आए 38 विदेशी साधकों ने भी भाग लिया. उत्तराखंड पावन पवित्र गंगा का ही नहीं, बल्कि योग का भी उद्गम स्थल है. योग और गंगा भारत के सांस्कृतिक व आध्यात्मिक धरोहर का प्रतीक है.

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *