खटीमा में पहली बार सामूहिक निकाह कार्यक्रम, एक दूजे के हुये सात जोड़े, प्रयासों की हुई सराहना

उत्तराखंड

खटीमा: ईद मिलादुन्नबी के मौके पर खटीमा में पहली बार मुस्लिम समाज में सामूहिक निकाह कार्यक्रम आयोजित किया गया. तंजीम उलेमा ए अहले सुन्नत सामाजिक इस्लामिक संस्था ने गरीब बेसहारा सात बेटियों का निकाह करवाया. सभी बेटियों को निकाह के दौरान 55 हजार के आवश्यक घरेलू सामान उपहार के रूप में दिये गये. इस मौके पर हजारों लोग मौजूद रहे.

उधम सिंह नगर जिले के खटीमा इलाके की प्रमुख इस्लामिक सामाजिक संस्था तंजीम उलेमा ए अहले सुन्नत ने खटीमा के निजी बैंकट हॉल में पहली बार मुस्लिम समाज की निर्धन बेटियों के सामाजिक निकाह कार्यक्रम का सफल आयोजन किया. इस अवसर पर सात निर्धन बेसहारा बेटियो का संस्था ने भव्य तरीके से सामूहिक निकाह को संपन्न कराया. इस आयोजन में खटीमा शहर के सर्व धर्म के प्रमुख लोगों के अलावा खटीमा विधायक एवं उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी,नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा,नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी सहित प्रमुख लोगों ने शिरकत की. साथ ही इस्लाम धर्म में पहली बार आयोजित हो रहे सामाजिक निकाह आयोजन की भूरी भूरी प्रसंसा की. साथ ही भविष्य में निर्धन बेसहारा बेटियों के निकाह कार्यक्रम को सर्व समाज के सहयोग से और बेहतर किए जाने की बात कही.

मुस्लिम समुदाय की निर्धन बेटियों के सामूहिक विवाह आयोजन में अपनी बेटियों का निकाह संपन्न करा रहे बेटियों के पिता इस मौके पर बेहद खुश नजर आए. उन्होंने इस्लाम धर्म की सामाजिक संस्था तंजीम उलेमा ए अहले सुन्नत के पहली बार मुस्लिम समाज की बेटियों के सामूहिक विवाह आयोजन की जमकर तारीफ की. साथ ही खटीमा के अलावा अन्य शहरों में भी इस तरह के आयोजन की उम्मीद की. कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे उप नेता प्रतिपक्ष एवं खटीमा विधायक भुवन कापड़ी ने तंजीम उलेमा ए अहले सुन्नत संस्था के संरक्षक हजरत मौलाना इरफान उल हक कादरी की सामाजिक संस्था के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने सभी से इस तरह के सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की.

मौलाना इरफान उल हक कादरी ने कहा खटीमा की सरजमी पर पहली बार किसी मुस्लिम सामाजिक संस्था ने सामूहिक निकाह आयोजन को बेहद बड़े स्तर पर संपन्न कराया है. इस मौके पर सभी बेटियों को 55- 55 ,हजार का आवश्यक नव गृहस्थी स्थापित करने का सामान भी उपहार स्वरूप दिया गया है. संस्था ने दुल्हा दुल्हन के मेहमानों सहित स्थानीय हजारों लोगों को भी दावत दी.

बता दें पहले संस्था 15 जोड़ों के निकाह का आयोजन करने जा रही थी, लेकिन पहली बार मुस्लिम समुदाय में सामूहिक विवाह आयोजन में 15 जोड़ो ना मिल पाने के कारण इस वर्ष सात जोड़ों का निकाह आयोजन किया गया. आगे इस तरह के आयोजनों को सर्व समाज के सहयोग से ओर अधिक भव्य एवमं दिव्य बनाए जाने का प्रयास किया जायेगा.

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