जो कानून व्यवस्था पर बात करने आए थे, उन्होंने सदन में खुद तोड़ा कानून, सीएम ने विपक्ष की हार पर भी कसा तंज

उत्तराखंड

गैरसैंण: उत्तराखंड की गीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. आज 19 अगस्त को प्रश्न काल नहीं हो पाया तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जो लोग कानून व्यवस्था पर बात करने आए थे, उन्होंने खुद सदन में कानून तोड़ा है और चर्चा नहीं होने दी है.

गैरसैंण में चल रहे विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन लगातार विपक्ष के हंगामे की भेंट चढ़ता गया. आखिर में सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. सदन शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद प्रश्न कल नहीं हो पाया तो वहीं भोजन अवकाश के बाद भी सदन की कार्रवाई शुरू होती इससे पहले विपक्ष ने हंगामा करना शुरू कर दिया. इसी बीच कई विधेयक सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए और उसके बाद सदन की कार्यवाही 4:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र में विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि मानसून और आपदा की कठिन परिस्थितियों में भी सरकार गैरसैंण जैसी संभावनाओं और भावनाओं के केंद्र में सदन लेकर आई, ताकि जनता के मुद्दों पर गंभीर बहस हो सके.

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष कानून व्यवस्था के मामले पर चर्चा की बात करता है, लेकिन आज सदन के भीतर खुद ही विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज सदन के अंदर अराजक माहौल पैदा किया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाईं.

सीएम धामी ने पंचायत चुनावों में भाजपा की भारी जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की देवतुल्य जनता ने निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों में भाजपा को जिम्मेदारी सौंपी है, जिससे विपक्ष हताश और निराश है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश में निष्पक्ष चुनाव हुए हैं और जहां विपक्षी दलों की जीत हुई है, वहां भी सरकार ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया. मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि हार के बाद वो कभी ईवीएम, कभी चुनाव आयोग और कभी प्रशासन पर ठीकरा फोड़ने की आदत दोहराते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार राज्य को श्रेष्ठ बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष जनता के मुद्दों से भागकर सिर्फ भ्रम और अव्यवस्था फैलाने का काम कर रहा है.

वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के विधायक काजी निजामुद्दीन का कहना है कि सरकार की हठधर्मिता की इंतेहा हो गई. उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में लगातार कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गई और अब यदि विपक्ष इस मामले को सदन में उठा रहा है तो भी सरकार के कान पर जू नहीं रेंग रही है.

उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के साथ बदसलूकी की की गई है. अब भी यदि कांग्रेस सदन में इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की मांग नहीं करेगी तो फिर विपक्ष का मतलब ही क्या है? कांग्रेस के लोगों का कहना है कि सरकार को इस वक्त चुनावी फायदों से दूर जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए था, लेकिन सरकार ऐसा न करके खुद बीजेपी का नुकसान करवा रही है.

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