बरसात खत्म ! राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण  और जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने की प्रबंधन के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों की शुरुआत

उत्तराखंड

देहरादून: बरसात समाप्त होते ही उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) एवं जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) द्वारा राज्यभर में आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन के लिए व्यापक प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों की शुरुआत कर दी गई है। इसी क्रम में 03 अक्टूबर, 2025 को जनपद नैनीताल, बागेश्वर तथा चंपावत में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

जनपद नैनीताल – रामगढ़ ब्लॉक

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ में DDMA नैनीताल के तत्वावधान में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन, न्यूनीकरण एवं त्वरित राहत-बचाव कार्यों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन मास्टर ट्रेनर नवीन चंद्र (खोज एवं बचाव) एवं सहायक कंसल्टेंट सुमित जोशी द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को क्षेत्र में संभावित आपदाओं, जैसे भूकंप, भूस्खलन, आगजनी, बादल फटना आदि की जानकारी दी गई। साथ ही आपदा के पूर्व, दौरान एवं पश्चात की आवश्यक कार्यवाहियों, प्राथमिक उपचार, स्ट्रेचर निर्माण, आग से बचाव, बाढ़ से सुरक्षा के उपायों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विद्यालय के सुरक्षित स्थानों व निकासी मार्गों की जानकारी, आपातकालीन टोल फ्री नंबरों, जैसे 1077, 112, महिला हेल्पलाइन 1090 इत्यादि से भी अवगत कराया गया।

जनपद बागेश्वर – ग्राम मंतोली

SDRF व NDRF की टीमों द्वारा ग्राम मंतोली में ग्रामीणों को CPR, इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर निर्माण, फ्लोटिंग इक्विपमेंट की जानकारी एवं आग से बचाव के तरीकों का प्रशिक्षण दिया गया। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण का लाभ उठाया।

जनपद चंपावत – श्री पूर्णागिरि टनकपुर

राजकीय इंटर कॉलेज, सैलानी गोठ में FAMEX परियोजना के अंतर्गत एक दिवसीय बाढ़ एवं भूस्खलन पर जन-जागरूकता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर भरत गुसाईं (DDMA), दीपक कठैत (NDRF), दीपक जोशी (SDRF) सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में स्वयं, परिवार एवं पशुधन को सुरक्षित रखने के उपाय, रेस्क्यू उपकरणों की जानकारी, रैपलिंग-जुमारिंग की विधि, प्राथमिक उपचार तथा स्थानीय संसाधनों से स्ट्रेचर निर्माण की जानकारी दी गई।

साथ ही, सचेत ऐप एवं भूकंप अलर्ट ऐप की जानकारी भी साझा की गई, ताकि आपदा की स्थिति में समय पर अलर्ट प्राप्त हो सके।

सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार ने कहा कि उत्तराखंड एक आपदा संभावित राज्य है, जहाँ प्राकृतिक आपदाएं आम हैं। ऐसे में विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि आमजन को व्यवहारिक रूप से आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना है। बच्चों, शिक्षकों और ग्रामीणों को जागरूक कर हम आपदा के प्रभाव को न्यूनतम कर सकते हैं।
USDMA का यह प्रयास निरंतर जारी रहेगा और हम हर जनपद में इस प्रकार के कार्यक्रमों का विस्तार करते रहेंगे

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