मेडिसिन सैंपल फेल होने के बाद एक्शन, प्रदेश भर मे होगी दवा फैक्ट्रियों की चेकिंग, प्रतिष्ठानों पर भी कसेगा शिकंजा

उत्तराखंड

देहरादून: राज्य में 14 दवाओं के सैंपल हाल ही में जांच में फेल साबित हुए हैं. जिसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन राज्य की सभी दवा की दुकानों और दवाइयों की फैक्ट्री की सघन जांच करने जा रहा है. औषधि निर्माण और विक्रय प्रतिष्ठानों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा.

खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के आयुक्त डॉक्टर आर राजेश कुमार ने ड्रग इंस्पेक्टर्स को संयुक्त रूप से सभी दवाओं की दुकानों और राज्य की फार्मास्यूटिकल कंपनियों पर कड़ी जांच किए जाने के लिए कहा है. इस संबंध में विभाग के अपर आयुक्त और औषधि नियंत्रक ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि अभियान के तहत दवाइयों की दुकानों, गोदाम और फैक्ट्रियों से मेडिसिन के सैंपल कलेक्ट किए जाएंगे. जिनको राजकीय विश्लेषक के पास जांच के लिए भेजा जाएगा. वहां से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर अगर किसी दवा में गुणवत्ता की कमी पाई गई, तब संबंधित प्रतिष्ठा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

अब तक विभाग ने संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया: औषधि नियंत्रक ताजबर ने दावा किया है कि कुछ मामलों में यह भी पाया गया है कि राज्य के बाहर से कुछ असामाजिक तत्व उत्तराखंड की फार्मा कंपनियों के नाम का अवैध रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं. नकली दवाओं का निर्माण कर रहे हैं. उन्होंने बताया विभाग ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए भारत सरकार के महा औषधि नियंत्रक और तेलंगाना, महाराष्ट्र, हरियाणा ,उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के औषधि नियंत्रकों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से छापेमारी की है. उ

अभी तक दर्ज हुये 53 केस, 89 गिरफ्तारियां: उन्होंने बताया कि 2023 से लेकर 2025 तक की गई कार्रवाई के तहत 53 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें कुल 89 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमें कई अंतरराज्यीय के लोग भी शामिल थे. औषधि विभाग ने 83 से अधिक संयुक्त छापेमारी की. इसी के चलते 33 दवा निर्माण इकाइयों को प्रोडक्शन बंद करने के आदेश जारी किए गए. इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत नकली दवा से जुड़े मामलों में 65 से अधिक लोगों की पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है.

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