सांसद त्रिवेंद्र ने फिर उठाया पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल, धोखाधड़ी जैसे मामलों पर CM से की अपील, जानें क्या कहा

उत्तराखंड

देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत अपने बेबाक बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं. प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, अवैध खनन और भू-माफिया जैसे मुद्दों पर अक्सर उनकी तीखी टिप्पणियां सरकार को असहज भी किया है. ऐसे में एक बार फिर उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा किया है. हिमांशु चमोली प्रकरण से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के भांजे से जुड़े मामले पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया जारी की.

डीजीपी को लिखा था पत्र: भाजपा जनता युवा मोर्चा (BJYM) नेता हिमांशु चमोली प्रकरण पर त्रिवेंद्र रावत ने एक बार फिर प्रदेश की पुलिस पर सवाल खड़ा किया. त्रिवेंद्र ने कहा कि, उन्होंने पहले भी कहा था और एक बार फिर कह रहे हैं कि पुलिस का जो काम है, पुलिस वो ही काम करे. उन्होंने बताया कि तकरीबन 1 महीने पहले जुलाई में कुछ लोग उनके पास आए थे और इस मामले में उन्होंने पीड़ितों से मुलाकात की थी और प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को इस मामले पर पत्र लिखा था. लेकिन आज तक ना तो उस पत्र का कोई जवाब आया और ना उस पर कोई कार्रवाई हुई. जबकि पत्र में सब लिखा था कि कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ.

इन मामलों से उत्तराखंड की छवि हो रही खराब: त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि अमूमन ऐसा होता नहीं है. लेकिन इस मामले में पुलिस ने बहुत लापरवाही की. उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि इस तरह के बहुत सारे मामले आ रहे हैं और यह बेहद गंभीर विषय है. उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए जहां पर ईमानदारी और सरलता लोगों के खून में है और यहां पर इस तरह की घटनाओं को पुलिस द्वारा गंभीरता से नहीं लेने पर प्रदेश में निराशा और हताशा का माहौल बढ़ता है. उन्होंने कहा कि कई लोग इस तरह की समस्या से पीड़ित हैं और संपर्क भी कर रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से भी अपील की है कि वह इन लोगों की समस्या को सीरियसली लें.

हिमांशु चमोली प्रकरण से पार्टी की छवि धूमिल: हिमांशु चमोली का मामला केवल धोखाधड़ी और उत्पीड़न से ही जुड़ा नहीं है. बल्कि यह बीजेपी से भी जुड़ा हुआ है. त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि कार्यकर्ता पार्टी का आवरण (कवर) होता है और आवरण जितना साफ होगा, पार्टी की छवि उतनी ही साफ और उज्ज्वल होगी. यही वजह है कि पार्टी संगठन का जब भी गठन किया जाता है तो इन चीजों का ध्यान रखना चाहिए कि किसी दागी को ऐसा पद न मिल जाए, जिससे पूरी पार्टी ही दागी हो जाए.

उन्होंने कहा कि कई बार पार्टी में ऐसे लोग जुड़ने की कोशिश करते हैं, जो अपने प्रोडक्शन और या फिर अपने स्वार्थ निहित करने के लिए जुड़ते हैं और ऐसे लोगों को पहचानना थोड़ा मुश्किल होता है. लेकिन पार्टी अपने स्तर पर इस विषय पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि समर्थक कैसा भी हो सकता है. लेकिन पार्टी का पदाधिकारी एक पारदर्शी छवि का होना चाहिए. वो पार्टी की छवि को धूमिल करना वाला ना हो, इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए.

तीरथ के भांजे के उत्पीड़न पर बोले त्रिवेंद्र: हिमांशु चमोली प्रकरण के बाद पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के भांजे के उत्पीड़न पर भी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मीडिया के सामने अपना बयान दर्ज कराया. उन्होंने कहा कि वह हमें भी मामा ही बोलता है और यह देखकर बेहद दुख होता है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री के भांजे के साथ यदि ऐसा हो रहा है तो सामान्य लोगों पर इसका क्या असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों से आम लोगों में निराशा का भाव उत्पन्न होता है. उनका विश्वास सरकार और पुलिस से उठता है.

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