हेलिकॉप्टर हादसे पर मुखर हुई कांग्रेस , कहा – सरकार के आदेश मात्र दिखावा,  हेली कंपनियां उड़ा रही नियमों की धज्जियां

उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा शुरू हुए डेढ़ महीना हो चुका है. इस बीच पांच हेलीकॉप्टर दुर्घटना की दुखद जानकारी सामने आ चुकी है. 15 जून सुबह करीब 5:30 बजे आर्यन एविएशन एंजेसी का हेलीकॉप्टर गौरीकुंड में क्रैश हो गया. हेलीकॉप्टर ने केदारनाथ से सवारियां लेकर गुप्तकाशी के लिए उड़ान भरी थी. इस हादसे में पायलट समेत 7 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे पर कांग्रेस ने दुख जताते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

गौरीकुंड हेलीकॉप्टर हादसे पर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि चारधाम यात्रा में पांचवीं हेली दुर्घटना हो गई. सरकार बार-बार चेताने के बावजूद नहीं चेत रही है. सूर्यकांत ने इसके लिए पूरी तरह से उत्तराखंड की भाजपा सरकार की लचर और लापरवाह हवाई सेवा नियमावली को जिम्मेदार ठहराया है. धस्माना ने कहा कि विगत दिनों राज्य में चल रही हेली सेवाओं के बारे में उन्होंने राज्य सरकार से प्रदेश में एयर ट्रैफिक कंट्रोल नियमावली कड़ाई से लागू किए जाने की मांग की थी और बाकायदा इस बात पर पार्टी ने सख्त आपत्ति दर्ज कराई थी.

धस्माना का कहना है कि हेली कंपनियां पैसा कमाने की आपाधापी और प्रतिस्पर्धा में नियमों की धज्जियां उड़ा रही है. जिससे यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि उनको जानकारी मिली कि इसकी उड़ान के बाद दो हेली और उसी जगह से उड़े, लेकिन इसी हेली के दुर्घटनाग्रस्त होते ही वह वापस हो गए और सुरक्षित लैंड हो गए. हेली सेवाओं के बारे में मुख्यमंत्री ने जो आदेश दिए थे, वह मात्र दिखावा साबित हो रहे हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि, मुख्यमंत्री की चेतावनी के मात्र दो दिन बाद खराब मौसम में हेली उड़ान यही साबित कर रहा है कि कंपनियां पैसा कमाने के चक्कर में हर जोखिम उठाने को तैयार है. कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर राज्य सरकार से मांग उठाई है कि सरकार हेली सेवाओं के मामले में सख्ती से और एयर ट्रैफिक नियमावली को लागू करवाए, ताकि यात्रियों के सुरक्षा के साथ खिलवाड़ नहीं हो सके.

जानलेवा व्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बना संचालन: इधर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या भाजपा सरकार को श्रद्धालुओं की जान की कोई परवाह नहीं है. उनका कहना है कि चारधाम यात्रा भारत की संस्कृति और अध्यात्मिक आत्मा है. लेकिन दुर्भाग्यवश इस यात्रा का संचालन अब जानलेवा व्यवस्था और लापरवाही का प्रतीक बन गया है. उन्होंने कहा कि मई से जून 2025 के बीच अब तक पांच बड़ी हेली दुर्घटना हो चुकी हैं. जिनमें 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.

राजकीय विफलता: उन्होंने सवाल उठाए कि हेलीकॉप्टर कंपनियों को खराब मौसम में उड़ान भरने की इजाजत क्यों दी जा रही है? हर हादसे के बाद जांच के आदेश की रस्मअदायगी की जाती है. लेकिन सुधार क्यों नहीं किया जाता? ज्योति रौतेला ने इसे लापरवाही नहीं बल्कि राजकीय विफलता बताया है. महिला कांग्रेस ने हर हेलीकॉप्टर दुर्घटना की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराए जाने की भी मांग उठाई है. इसके अलावा चारधाम यात्रा में ऑपरेट कर रही सभी हेली कंपनियों का फुल टेक्निकल ऑडिट किए जाने का भी मसला उठाया है.

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