पाकिस्तान ने की ट्रंप को नोबेल पुरस्कार देने की पैरवी, संतों में आक्रोश, कहा- मोदी है इसके हकदार

उत्तराखंड देश

हरिद्वार: पाकिस्तान की ओर से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिए जाने को लेकर नामित किए जाने पर हरिद्वार से संतों की तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. संतों का कहना है कि एक आतंकवाद समर्थक देश की ओर से अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति का नोबेल पुरस्कार की वकालत करना सरासर गलत है. अगर किसी को शांति का नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए तो उसके हकदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं. जिन्होंने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया और केवल धमकी देकर बक्श दिया.

काली सेना के प्रमुख और शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप एवं चक्रपाणि महाराज का कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अमेरिकी लगातार पाकिस्तान का साथ दे रहा था. अब ईरान के खिलाफ पाकिस्तान ने अपना पूरा एयर स्पेस अमेरिका को दिया हुआ है तो ऐसे में पाकिस्तान अपने आका डोनाल्ड ट्रंप के लिए ऐसी मांग करेगा ही.

बता दें कि पाकिस्तान सरकार ने ट्रंप का नाम 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए औपचारिक रूप से प्रस्तावित किया है. पाकिस्तान ने जारी बयान में कहा कि 2025 में भारत और पाकिस्तान की जंग के दौरान निर्णायक कूटनीतिक हस्तक्षेप एवं महत्वपूर्ण नेतृत्व की वजह से ट्रंप का नाम नोबेल शांति पुरस्कार के लिए प्रस्तावित करने का फैसला किया गया.

पाकिस्तान ने भारत के साथ सीजफायर कराने के लिए डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप की भी सराहना भी की है. पाकिस्तान ने अपने बयान में कहा कि ट्रंप के प्रयासों की वजह से सीजफायर हो चुका. जिससे युद्ध का एक बड़ा खतरा टल सका. वो इस पुरस्कार के असली हकदार हैं. वहीं, पाकिस्तान की सिफारिश पर हरिद्वार के संत समाज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

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