देश में इमरजेंसी कैसे लगी, इंदिरा सरकार ने सत्ता का क्या दुरुपयोग किया? स्कूल-कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा पाठ, शिक्षा मंत्री ने दिये निर्देश

उत्तराखंड

हल्द्वानी: जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि को देशभर में भाजपा कार्यकर्ता बलिदान दिवस के रूप में मना रही है. इसी क्रम में कुमाऊं मंडल भाजपा संभाग कार्यालय हल्द्वानी में बलिदान दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पहुंचे. जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.

कार्यक्रम में मंत्री धन सिंह रावत ने आरएसएस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पर विस्तार से चर्चा की. इस दौरान शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी देश में सबसे कम उम्र 33 वर्ष के वाइस चांसलर थे. भारत के इतिहास में पहले ऐसे मंत्री थे, जिन्होंने नेहरू सरकार के खिलाफ बगावत की. एक देश में ‘दो प्रधान, दो निशान’ नहीं चलेंगे, इसके लिए उन्होंने कश्मीर की यात्रा की और नेहरू ने उनको गिरफ्तार करवाया और उनकी रहस्यमय मृत्यु हो गई थी.

उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता है. इसको लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में आज बलिदान दिवस के रूप में मना रही है.

उन्होंने कहा की नई पीढ़ी को अब डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी के बारे में बताया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अब स्कूलों और कॉलेज के छात्रों को शिक्षा के माध्यम से बताया जाएगा कि देश के अंदर इमरजेंसी कैसे लगी? तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने सत्ता का किस तरह से दुरुपयोग किया? इन सब को लेकर स्कूलों और कॉलेज में पढ़ाया. उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जीवनी पहले से ही पाठ्यक्रम में शामिल है. लेकिन अब स्कूलों के कार्यक्रम में भी उनकी उपलब्धि को बताया जाएगा.

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