उत्तरकाशी धराली आपदा में 17 से ज्यादा नेपाली मजदूर लापता, नेपाल पीएम ओली ने दी जानकारी, भारत सरकार से मांगी मदद

उत्तराखंड दुनिया

काठमांडू / देहरादून: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली में आई आपदा में नेपाल मूल के भी 17 लोग लापता हैं. इसकी जानकारी खुद नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शुक्रवार को दी है. उन्होंने 17 नेपाली कामगारों की तलाश के लिए भारत से अनुरोध करते हुए राजनयिक प्रयास शुरू कर दिए हैं.

दरअसल, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली शुक्रवार को ही तुर्कमेनिस्तान से वापस लौट रहे थे. इसके बाद उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर उत्तराखंड के धराली में पांच अगस्त मंगलवार को आई आपदा पर शोक व्यक्त किया. साथ ही उन्होंने भारत सरकार से इस आपदा में लापता हुए नेपाली मजदूरों को तलाशने का अनुरोध किया.

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पोस्ट:

पड़ोसी और मित्र देश भारत के उत्तराखंड में बाढ़ के कारण हुए जान-माल के भारी नुकसान की दु:खद खबर से मैं बहुत चिंतित हूं. बताया गया है कि 17 से अधिक नेपाली नागरिक भी बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. उनके बचाव के लिए दूतावास के माध्यम से तत्काल राजनयिक चर्चा की गई. मैं बाढ़ और भूस्खलन में जान गंवाने वाले सभी लोगों के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति देने की कामना करता हूं.
केपी शर्मा ओली, पीएम, नेपाल-

नेपाल के स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लापता लोगों में 17 जाजरकोट जिले के हैं और चार अन्य बर्दिया जिले के हैं. नेपाल के अधिकारियों के अनुसार भारत के उत्तरकाशी जिले के धराली इलाके में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद मंगलवार दोपहर से उनका कोई अता-पता नहीं है.

जाजरकोट जिले के कुशे ग्रामीण नगर पालिका के अध्यक्ष हरि चंद्र बसनेत ने एएनआई को फोन पर बताया, बाढ़ के बाद से लापता स्थानीय लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है और उनके परिवार बेहद चिंतित हैं. हमने विदेश मंत्रालय से भी खोज और बचाव कार्यों में सहायता का अनुरोध किया है.

इसके अलावा बर्दिया जिला प्रशासन कार्यालय ने पुष्टि की है कि बर्दिया के चार लोग भी इसी बाढ़ के कारण लापता हैं. रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि इस आपदा में दर्जनों नेपाली घायल हुए हैं. वहीं जाजरकोट के मुख्य जिला अधिकारी मेघ बहादुर मांगती ने कहा कि स्थानीय सरकार लापता लोगों की पहचान और पता लगाने के प्रयासों का समन्वय कर रही है.

मंगराती ने कहा कि हमने जिले के सभी स्थानीय निकायों और पुलिस चौकियों को धराली में काम करने वाले निवासियों के नाम संकलित करने और रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है. गृह मंत्रालय को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है. बचाव और राहत अभियान जारी है, लेकिन लापता नेपालियों की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है.

बता दें कि उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली बाजार में बीती पांच अगस्त दोपहर की करीब 1.30 बजे खीरगंगा में पहाड़ी से पानी का सैलाब और मलबा आया था, जिसमें पूरा धराली बाजार दब गया. धराली बाजार करीब 50 फीट मबले के नीचे दबा हुआ है. बीते चार दिनों से इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. अभी तक उत्तरकाशी पुलिस से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार इस आपदा में कुल 18 लोग लापता है, जिसमें 9 भारतीय सेना के जवान हैं और सात लोग स्थानीय हैं. वहीं दो नेपाली मजदूर बताए जा रहे हैं. इसके अलावा पांच नेपाली मजदूर पौड़ी गढ़वाल में बुधवार को आई आपदा में लापता हो गए थे, जो अभी तक नहीं मिले है.

एक तरफ जहां रेस्क्यू टीम मलबे में जिंदगी ढूढने का प्रयास कर ही है, तो वहीं दूसरी तरफ गंगोत्री और धराली के आसपास फंसे लोगों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने में लगी हुई है. राज्य सरकार की जानकारी के मुताबिक आठ अगस्त दोपहर तक उत्तरकाशी के धराली और हर्षिल में आपदा प्रभावित इलाकों से 566 यात्रियों को निकाला जा चुका है. राज्य सरकार के अनुसार शेष 300 लोगों को निकालने का काम अभी भी जारी है. (इनपुट एएनआई)

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