उत्तराखंड कांग्रेस में होने वाला है बड़ा बदलाव! जल्द मिलेंगे नए जिला और महानगर अध्यक्ष, अंतिम चरण की प्रक्रिया पूरी

उत्तराखंड

देहरादून: उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्तियों की प्रक्रिया चल रही है. कांग्रेस, राहुल गांधी के ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरे प्रदेश में चला रही है. इस अभियान का उद्देश्य बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाए जाने और समर्पित युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व देना है.

रविवार को टिहरी के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक विधायक और हिमाचल प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर तीन दिवसीय टिहरी जिले का दौरा करने के बाद वापस देहरादून लौटे. उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की प्रेरणा से हो रहे संगठन सृजन अभियान के उत्साह पूर्ण परिणाम सामने आएंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बड़े उत्साह के साथ इस अभियान में भाग लिया. जिसके परिणाम स्वरूप उत्तराखंड कांग्रेस को ऊर्जावान और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पद सम्मान मिलेगा.

कुलदीप राठौर ने बताया कि यह अभियान उत्तराखंड में अंतिम चरण में चल रहा है. प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया इस अभियान के माध्यम से चलाई जा रही है. कांग्रेस नेतृत्व में सभी जिलों के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है. पर्यवेक्षकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करके रायशुमारी की है. कार्यकर्ताओं ने संगठन सृजन के लिए अपने-अपने सुझाव दिए हैं. कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मिले सुझावों को हाई कमान को सौंपा जा रहा है. आलाकमान पर्यवेक्षकों की तरफ से सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर शीघ्र जिला और महानगर अध्यक्षों की नियुक्तियों पर मुहर लगाएगी. हिमाचल से विधायक राठौर का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों की नियुक्ति हो सकती है.

पेपर लीक पर भी सरकार को घेरा: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले पर बोलते हुए कुलदीप राठौर ने कहा कि, जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, उन्हीं राज्यों मे पेपर लीक हो रहे हैं. पेपर लीक मामलों में भाजपा के नेताओं की संलिप्तता सामने आई है. उन्होंने कहा कि इससे शर्मनाक और क्या हो सकता है कि भाजपा सरकार ने पेपर लीक मामले को स्वीकारने की बजाय इसे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है. अपनी पार्टी के नेताओं के स्कूलों से छात्रों को गुमराह कर जबरदस्ती सरकार का पक्ष रखने को कहा गया. उन्होंने कहा कि पेपर लीक मामले में आयोग के अध्यक्ष का रवैया पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना कहा जा सकता है. उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई है.

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