उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी 5 जून को अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस से 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक के बीच चलने वाले ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को इस बार सिर्फ पौधारोपण तक सीमित नहीं रखेगी, बल्कि इसे एक बड़े राजनीतिक जनसंपर्क अभियान के रूप में इस्तेमाल करेगी। भाजपा का यह नया दांव प्रदेश के बुद्धिजीवी वर्ग को साधने पर केंद्रित है। इस 16 दिवसीय महाअभियान के दौरान पार्टी विशेष गोष्ठियां और वृहद जनसंपर्क कर 7 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के सफल कार्यकाल की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएगी।
प्रबुद्धजनों और जनसंपर्क पर है खास जोर
उत्तराखंड भाजपा के महामंत्री कुंदन परिहार ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण का काम पार्टी के लिए निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, लेकिन इस बार कार्ययोजना को और अधिक आक्रामक व जनता से सीधे जुड़ने वाला बनाया गया है। इस बार केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर, समाज के प्रबुद्ध वर्ग के साथ संवाद स्थापित करने के लिए विशेष गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही एक वृहद जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि आम जनता सरकार के विजन और ऐतिहासिक कार्यों को करीब से समझ सके।
पौधे के साथ स्थापित करेंगे आत्मीय संबंध
पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को इस बार अधिक विस्तृत रूप में मनाया जाएगा। कुंदन परिहार के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य सिर्फ खानापूर्ति के लिए पेड़ लगाना नहीं है, बल्कि उस पौधे के साथ व्यक्ति का एक आत्मीय संबंध स्थापित करना है। पौधारोपण के साथ-साथ इस पूरी अवधि के दौरान प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान भी चलाए जाएंगे।
पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने का मनेगा जश्न
आगामी 7 जून को प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के सफलतम 12 साल पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए भाजपा ने अनेक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। 5 जून से 21 जून के बीच चलने वाले इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का हर नागरिक जान सके कि बीते 12 वर्षों में मोदी सरकार ने देश और प्रदेश के विकास के लिए कौन-कौन से बड़े और कल्याणकारी कदम उठाए हैं।