फॉर्म-7 के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग का कांग्रेस ने लगाया आरोप, CEO को सौंपा ज्ञापन

उत्तराखंड देहरादून

देहरादून। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में आपत्तियां दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और मामले की तत्काल जांच कर कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के तहत कुछ लोगों द्वारा एक ही प्रकार की आपत्तियां बार-बार और बड़े पैमाने पर ऑनलाइन दर्ज कराई जा रही हैं। पार्टी के अनुसार, कुछ मामलों में एक ही व्यक्ति ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में 150 से अधिक फॉर्म-7 दाखिल किए हैं, जबकि कई अन्य आपत्तिकर्ताओं द्वारा 50 से 150 तक आपत्तियां दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड में SIR प्रक्रिया 29 मई 2026 से शुरू हुई थी और प्रारूप निर्वाचक नामावली 14 जुलाई को प्रकाशित की गई। दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान फॉर्म-10 के आंकड़ों और आपत्तिकर्ताओं की सूची के विश्लेषण में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि 30 जुलाई, 6 अगस्त और 10 अगस्त को इस संबंध में शिकायत किए जाने के बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा लगातार फॉर्म-7 दाखिल किए जा रहे हैं। कांग्रेस के बीएलए-2 की ओर से भी इस मामले में आपत्ति दर्ज कराई गई है। गोदियाल के अनुसार, सत्यापन के दौरान कई ऐसे मतदाता अपने घोषित पते पर निवास करते पाए गए, जिनके नाम पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इससे आपत्तियों की प्रामाणिकता पर सवाल खड़े होते हैं।

कांग्रेस ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचक नामावली के संबंध में झूठी घोषणा करना अपराध है। पार्टी का कहना है कि निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत आपत्तियां विशिष्ट, सत्यापन योग्य और जांच के अधीन होनी चाहिए। बिना ठोस आधार के बड़े पैमाने पर आपत्तियां दर्ज किए जाने से मतदाता सूची की पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की कि एक व्यक्ति द्वारा एक या विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दाखिल किए गए फॉर्म-7 की तत्काल विस्तृत जांच कराई जाए। आपत्तिकर्ताओं की पहचान और आपत्तियों की प्रामाणिकता का सत्यापन किया जाए। यदि आपत्तियां सत्यापित नहीं होती हैं तो उन्हें प्रारंभिक स्तर पर ही निरस्त किया जाए।

कांग्रेस ने यह भी मांग की कि किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा अनिवार्य रूप से स्थलीय सत्यापन कराया जाए। साथ ही सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि सामूहिक रूप से दाखिल किए जा रहे फॉर्म-7 के मामलों की दैनिक रिपोर्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी को उपलब्ध कराई जाए।

पार्टी ने झूठी या दुर्भावनापूर्ण आपत्तियां दाखिल करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू करने की भी मांग की है।

ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अलावा प्रदेश महामंत्री राजेंद्र शाह, SIR समिति सदस्य एवं प्रदेश सचिव अमेन्द्र सिंह बिष्ट, प्रदेश प्रवक्ता एवं चार्जशीट कमेटी सदस्य डॉ. प्रतिमा सिंह, एडवोकेट संदीप चमोली, राकेश नेगी, विनोद कुमार, सुरभि शाह, डिंपल, नितिन बिष्ट सहित अन्य कांग्रेसजन शामिल रहे।

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