आज की बिजी लाइफस्टाइल की वजह से हर कोई स्ट्रेस भरी जिंदगी जी रहा है. इससे कई हेल्थ प्रॉब्लम हो रही हैं, और स्ट्रोक उनमें से एक है. पहले, स्ट्रोक ज्यादातर बुजुर्गों को होता था. लेकिन, बढ़ते स्ट्रेस की वजह से अब यह सभी उम्र और जेंडर के लोगों को प्रभावित कर रहा है. स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग में खून का बहाव कम हो जाता है या जब दिमाग की कोई नस फट जाती है. हमारी रोजाना की जिंदगी में हम कुछ ऐसी गलतियां करते हैं जो इसमें योगदान देती हैं. आइए जानते हैं कि वे क्या हैं.
आज की पीढ़ी में हर कोई काम कर रहा . नतीजतन, डाइट से लेकर लाइफस्टाइल तक सब कुछ अनहेल्दी हो गया है. बिजी लाइफस्टाइल की वजह से लोगों के पास शांति से बैठकर बात करने और खाना खाने का भी समय नहीं है. समय की कमी के कारण, आजकल लोग देर से उठते हैं और जल्दी-जल्दी अपना काम करते हैं. उनके पास एक्सरसाइज करने या हेल्दी नाश्ता करने का भी समय नहीं होता है. देर से उठना, कामों में जल्दबाजी करना, जल्दी से ऑफिस के लिए तैयार होना, जो कुछ भी आसानी से मिल जाए उसे खाना, लंच के समय बाहर से खाना ऑर्डर करना, ऑफिस में देर तक काम करना, घर लौटने के बाद जल्दी से कुछ खाना, अपना फोन चेक करना, और रात को देर से सोना, और हर दिन इसी साइकिल को दोहराना. ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि हममें से 90 प्रतिशत लोग आज भी इसी लाइफस्टाइल को फॉलो करते हैं. यही वजह है कि स्ट्रोक जैसी समस्याएं होती हैं.
स्ट्रोक एक बहुत ही खतरनाक और गंभीर मेडिकल कंडीशन है. एक बार स्ट्रोक होने पर, यह विकलांगता और यहां तक कि मौत का कारण भी बन सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह समस्या असल में चार मुख्य कारणों से होती है. इन कारणों को समझकर और बचाव के उपाय करके, आप खुद को जानलेवा स्ट्रोक से बचा सकते हैं.
इसके चार मुख्य कारण ये हैं…
- हाई ब्लड प्रेशर
NHS. UK की वेबसाइट के मुताबिक,हाई ब्लड प्रेशर कई समस्याओं की जड़ है. हाई ब्लड प्रेशर खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है और स्ट्रोक का खतरा बढ़ाता है. इससे नसें सिकुड़ जाती हैं और कमजोर हो जाती हैं. इससे इस्केमिक स्ट्रोक या हेमरेजिक स्ट्रोक हो सकता है. इसलिए, रेगुलर ब्लड प्रेशर चेक करवाना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इसके अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखते. हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए रेगुलर ब्लड टेस्ट बहुत जरूरी हैं. - अनहेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट
बिजी लाइफस्टाइल के चलते लोगों के पास खाना बनाने या ठीक से खाने का समय नहीं होता है. ऐसे में बहुत से लोग ऑयली और मसालेदार फास्ट फूड खाते हैं और ये उन्हें पसंद भी आता है. लेकिन इस खाने में ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा होता है, जिससे धमनियों में प्लाक जम जाता है और खून का बहाव कम हो जाता है. इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसी तरह, नींद की कमी और एक्सरसाइज ना करना भी इस समस्या को बढ़ाते हैं. - स्मोकिंग और शराब पीना
आजकल, बहुत से लोग कम उम्र में ही या तो दोस्तों के दबाव में या तनाव कम करने के लिए स्मोकिंग और शराब के आदी हो जाते हैं, इसका उनके शरीर पर बहुत बुरा असर पड़ता है. इससे कम उम्र में ही स्ट्रोक जैसी खतरनाक समस्याएं हो सकती हैं. सिगरेट का धुआं शरीर की नसों को कमजोर करता है. यह खून को गाढ़ा करता है, जिससे खून की नसों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है. शराब ब्लड प्रेशर बढ़ाती है. ये दोनों आदतें शरीर को अंदर से कमजोर करती हैं. - स्ट्रेस
बहुत से लोग बहुत ज्यादा स्ट्रेस में रहते हैं. इससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है. इसका असर ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है. जो लोग लगातार तनाव में रहते हैं, उन्हें स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है. इसलिए, अपने शरीर और दिमाग दोनों को आराम दें और तनाव-मुक्त रहें.
