उत्तराखंड में डार्क वेब से जुड़ा मामला, दो भाइयों पर आरोप; जेल में होगी पूछताछ

उत्तराखंड क्राइम देहरादून

  1. ईडी को बनमीत, परविंदर से जेल में पूछताछ की अनुमति मिली
  2. दोनों पर डार्क वेब से ड्रग्स तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
  3. सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में हैं नरूला बंधु

देहरादून। अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्कर बनमीत नरूला और उसके भाई परविंदर से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम जेल में पूछताछ करेगी। ईडी स्पेशल ईडी कोर्ट ने पूछताछ के लिए अनुमति दे दी है। सुद्धोवाला कारागार के अधीक्षक को निर्देश किया गया है कि वह कानून के अनुसार और उत्तराखंड जेल नियमावली के अनुसार आरोपितों के बयान दर्ज करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करें। प्रवर्तन निदेशालय की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (पीएमएलए) के तहत बनमीत सिंह व परविंदर के बयान दर्ज करने के लिए विधिक आवेदन प्रस्तुत किया था।

शुक्रवार को विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह और कानूनी सलाहकार शालिनी सिंह अदालत में उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि आरोपित बनमीत सिंह व उसके भाई को ईडी ने वर्ष 2024 में गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में दोनों को सुद्धोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में रखा गया है। बनमीत सिंह, परविंदर सिंह और अमरप्रीत कौर चावला के विरुद्ध अभियोजन शिकायत इस न्यायालय के समक्ष दायर की जा चुकी है।

अपराध की शेष धनराशि जोकि ब्लाकचेन पर लगभग 4250 बिटकाइन के रूप में दिखाई दे रही है, को पीएमएलए के तहत जब्त करने के प्रयास जारी हैं। बनमीत सिंह का बयान दर्ज करना और उसकी जांच करना आवश्यक है। इसलिए जांच अधिकारी और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को सुद्धोवाला जेल, देहरादून का दौरा करने की अनुमति प्रदान की जाए। अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए जेल अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं।

यूरोप और अमेरिका में सक्रिय थे नरूला बंधु

नरूला बंधु हल्द्वानी के रहने वाले हैं। इनमें बनमीत नरूला बीते डेढ़ दशक से यूरोप और अमेरिका में सक्रिय था। डार्क वेब मार्केट पर करोड़ों डालर का अवैध ड्रग्स का कारोबार किया। वर्ष 2019 में नरूला की हरकतें अमेरिकी सरकार को पता चली। इसके बाद उसे 2019 में ही लंदन में गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। वहां पर कोलंबिया कोर्ट में उस पर मुकदमा चला और वर्ष 2022 में उसे सात साल कैद और 50 लाख डालर के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

नरूला को पिछले साल अप्रैल में अमेरिकी कोर्ट से जमानत मिल गई और उसे भारत के लिए डिपोर्ट कर दिया गया, लेकिन भारत आते ही वह अंडरग्राउंड हो गया। बनमीत के भारत आने की खबर ईडी को लगी तो एजेंसी ने 26 अप्रैल को घर पर छापा मारा। यहां घंटों पूछताछ और पड़ताल के बाद बनमीत के छोटे भाई परमिंदर को गिरफ्तार कर लिया गया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *