देहरादून। दून के पथरियापीर क्षेत्र में बिजली बिल की बकाया वसूली के दौरान उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (ऊर्जा निगम) की टीम पर जानलेवा हमला किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है।
आरोप है कि उपभोक्ता के यहां विद्युत संयोजन विच्छेदन की कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता और लाइन स्टाफ को घर के भीतर घसीटकर लोहे की रॉड और डंडों से पीटा गया। इस हमले में अवर अभियंता समेत चार कर्मचारी घायल हो गए, जिनका कोरोनेशन अस्पताल में उपचार कराया गया है। मामले में पुलिस से आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
विद्युत वितरण उपखंड बिंदाल के अंतर्गत 33/11 केवी उपसंस्थान में तैनात अवर अभियंता अमित रौछेला ने धारा चौकी में दी तहरीर में बताया कि बुधवार को दोपहर करीब सवा 12 बजे वह अपनी टीम के साथ विभागीय राजस्व वसूली के लिए पथरियापीर क्षेत्र पहुंचे थे। वहां काले नाम के व्यक्ति के विद्युत संयोजन पर करीब साढ़े नौ हजार रुपये का बकाया था। टीम की ओर से उपभोक्ता से बकाया राशि जमा कराने का अनुरोध किया गया।
भुगतान न होने पर विद्युत संयोजन विच्छेदन की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान मौके पर मौजूद तुषार और अन्य लोगों ने अवर अभियंता और विभागीय लाइन स्टाफ पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने लोहे की रॉड और डंडों से मारपीट की, अवर अभियंता को घर के अंदर घसीटा गया, विभागीय विद्युत मीटर छीना गया और सरकारी दस्तावेजों को नष्ट करने का प्रयास किया गया।
हमले में अवर अभियंता अमित रौछेला के अलावा लाइन स्टाफ गबर सिंह नेगी, दीपक बिष्ट और वाहन चालक रवींद्र घायल हो गए। सभी घायलों का कोरोनेशन अस्पताल में उपचार और मेडिकल कराया गया है। अवर अभियंता ने मेडिकल रिपोर्ट संलग्न करते हुए पुलिस से तुषार और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला करने समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
