हल्द्वानी: संदिग्ध प्रमाण पत्रों की जांच शुरू, डेमोग्राफिक चेंज मामला

उत्तराखंड

हल्द्वानी:- हल्द्वानी प्रमाणपत्र सत्यापन अभियान में उजागर हुए अवैध प्रमाणपत्र बनाने वाले रैकेट पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। पिछले पांच वर्षों में बनाए गए सभी संदिग्ध प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। प्रशासन के अनुसार यह जांच केवल सोसाइटी के नाम पर जारी कथित प्रमाणपत्रों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनसे तैयार हुए जाति, स्थाई निवास, जन्म समेत सभी प्रमाणपत्रों की कानूनी स्थिति की गहन समीक्षा की जाएगी।

प्रारंभिक जांच में रईस अहमद अंसारी की ओर से 2007 से निष्क्रिय पड़ी सोसाइटी अंजुमन मोमिन अंसार, आजाद नगर के नाम पर धड़ल्ले से प्रमाणपत्र जारी किए जाने का पर्दाफाश किया था। अब टीम की ओर से जब्त किए गए दस्तावेजों के आधार पर अब यह पता लगाया जा रहा है कि पिछले पांच सालों में कितने प्रमाणपत्र तैयार किए गए और कहां-कहां इनका इस्तेमाल किया गया। एसडीएम हल्द्वानी राहुल शाह ने बताया कि

अब पांच साल की अवधि का पूरा रिकर्ड खंगाला जा रहा है। फर्जी सोसाइटी के नाम पर तैयार सभी दस्तावेजों की सूची तैयार हो रही है। संबंधित प्रमाणपत्रों के जरिए बने जाति प्रमाणपत्रों की भी क्रास वेरिफिकेशन की जाएगी। जहां भी फर्जीवाड़ा मिलेगा, तत्काल प्रभाव से निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पुलिस को भी उपलब्ध रिकार्ड साझा कर दिया रईस अहमद के खिलाफ सत्यापन के लिए झूठे प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है। जिन लोगों ने इन फर्जी प्रमाणपत्रों का उपयोग कर किसी सरकारी लाभ, आरक्षण या प्रमाणपत्र प्राप्त किए हैं, उन पर भी कार्रवाई तय है।

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