देहरादून में ट्रैफिक पर सख्ती: APNR कैमरे से होगी ओवरस्पीडिंग की निगरानी

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परिवहन विभाग की बड़ी योजना: राजपुर-दिलाराम और आशारोड़ी-ISBT में गति सीमा, रंबल स्ट्रिप, रात चेकिंग और वाहन सीज स्पॉट तैयार – सड़कें सुरक्षित बनाने का मजबूत कदम!
उत्तराखंड में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या हर साल बढ़ रही है। परिवहन विभाग अब इस समस्या का जड़ से समाधान निकालने जा रहा है। तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए पूरी तरह नई कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसमें गति सीमा तय करना, रंबल स्ट्रिप लगाना, APNR कैमरे, वाहन सीजिंग और लाइसेंस रद्द करने तक की सख्त कार्रवाई शामिल है। यह योजना लागू होने के बाद राज्य की सड़कें सुरक्षित बनेंगी और हजारों जिंदगियां बच सकेंगी।
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े और मुख्य कारण
पिछले साल उत्तराखंड में 1800 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें से लगभग एक तिहाई दुर्घटनाएं सिर्फ तेज रफ्तार की वजह से हुईं। विभाग की जांच में यह बात साफ सामने आई कि ओवर स्पीडिंग और गलत ओवरटेकिंग सबसे बड़े कारण हैं। खासकर शहरों की सड़कों पर यह समस्या ज्यादा दिख रही है।
इसी को देखते हुए परिवहन विभाग ने फैसला लिया है कि अब सिर्फ चालान काटने तक सीमित नहीं रहेंगे। पूरी सिस्टम को बदलकर सड़क दुर्घटना रोकथाम की ठोस योजना बनाई जा रही है।
SOP में क्या-क्या होगा शामिल? पूरी डिटेल
मानक प्रचालन कार्यविधि (SOP) जल्द ही अंतिम रूप ले लेगी। इसके तहत शहरों में गति सीमा तय की जाएगी। जहां जरूरी होगा, वहां रंबल स्ट्रिप लगाए जाएंगे जो वाहनों को स्वतः गति कम करने पर मजबूर करेंगे।
शहरी क्षेत्रों में 23 एपीएनआर कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन के जरिए तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप और गलत ओवरटेकिंग पकड़ेंगे। कैमरे उन इलाकों में लगेंगे जहां पिछले साल सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुई हैं।
साथ ही तेज रफ्तार वाहनों को सीज करने और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने के प्रावधान को सख्ती से लागू किया जाएगा।
देहरादून में दो प्रमुख क्षेत्रों में गति नियंत्रण शुरू
देहरादून में सबसे पहले दो महत्वपूर्ण रूट्स पर सख्ती की जाएगी। पहला रूट है राजपुर रोड से दिलाराम चौक तक और दूसरा आशारोड़ी से आईएसबीटी तक। इन दोनों जगहों पर APNR कैमरे लगाए जाएंगे।
यहां तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग पर तुरंत चालान कटेंगे। इन इलाकों में पहले से ही दुर्घटनाएं ज्यादा होने की शिकायत रहती है। नई योजना से इन रूट्स पर वाहनों की गति पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी।
रात में बढ़ेगी चेकिंग, क्योंकि ज्यादातर दुर्घटनाएं रात में होती हैं
विभाग ने एक और अहम फैसला लिया है। रात के समय चेकिंग अभियान तेज किया जाएगा। आंकड़ों के मुताबिक ज्यादातर सड़क दुर्घटनाएं रात में ही होती हैं। इसलिए रात 8 बजे के बाद पेट्रोलिंग और कैमरा मॉनिटरिंग बढ़ाई जाएगी।
वाहन सीजिंग के लिए नया स्पॉट तैयार, अब कार्रवाई होगी तेज
अभी तक सीज वाहनों को रखने के लिए जगह की कमी थी। थानों में भी स्पेस नहीं बचता था। इसलिए विभाग अब अलग से नया स्पॉट तैयार कर रहा है। जहां सीज किए गए वाहन आसानी से रखे जा सकें। इससे वाहन सीजिंग की कार्रवाई तेज और प्रभावी हो सकेगी।
उप परिवहन आयुक्त शैलेश तिवारी ने कहा, “तेज रफ्तार वाहन दुर्घटना का बड़ा कारण है। इसे देखते हुए इसके लिए SOP की तैयारी की जा रही है।”
इस योजना से क्या फायदा होगा?
नई SOP लागू होने के बाद:
सड़क दुर्घटनाएं कम से कम 30-40% तक घटने की उम्मीद
पैदल यात्री और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा बढ़ेगी
ट्रैफिक नियमों का पालन बढ़ेगा
ड्राइवरों में जागरूकता आएगी
परिवहन विभाग का कहना है कि यह योजना सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। इसे ग्राउंड लेवल पर सख्ती से लागू किया जाएगा। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे गति सीमा का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं।
यह योजना उत्तराखंड को सड़क सुरक्षा के मामले में मॉडल राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। जल्द ही SOP जारी होने के बाद पूरी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

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