नैनीताल। मंगोली क्षेत्र में खुल रही दो शराब की दुकानों का अब स्थानीय महिलाएं विरोध करने लगी हैं। महिलाओं ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और दुकान न खोलने की मांग की। पहाड़ की शांत वादियों में एक बार फिर दर्द और संघर्ष की गूंज सुनाई दे रही है। मंगोली क्षेत्र में प्रस्तावित शराब की दुकान के खिलाफ गांव की महिलाएं अब खुलकर मैदान में उतर आई हैं।
शराब की दुकान के विरोध में सड़कों पर उतरी ग्राम प्रधान प्रेम मेहरा ने बताया कि, अगर सरकार ने अपने फैसले को वापस नहीं लिया तो उनके न्याय पंचायत स्तर के सभी ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य अपने पदों से इस्तीफा देंगे। साथ ही महिलाओं के द्वारा आत्मदाह किया जाएगा।
सैकड़ों महिलाओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए साफ शब्दों में कहा कि, हमें रोजगार चाहिए, शराब नहीं। उनका कहना है कि, पहाड़ की इन महिलाओं का दर्द सिर्फ एक दुकान का विरोध नहीं, बल्कि अपने गांव, अपने बच्चों और अपने भविष्य को बचाने की लड़ाई है। उनका कहना है कि जहां एक ओर पहाड़ों से युवाओं का पलायन लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने के बजाय शराब की दुकानें खोली जा रही हैं, जो समाज को और कमजोर कर रही हैं।
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने भावुक होकर कहा कि, उनका क्षेत्र अब तक शांत और सुरक्षित रहा है। लेकिन शराब की दुकान खुलने से सामाजिक ताना-बाना टूटने का खतरा है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि प्रस्तावित दुकान के पास ही एक स्कूल स्थित है, जहां छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि, वे पहले भी इस प्रस्ताव का विरोध कर चुकी हैं। लेकिन उनकी आवाज को अनसुना कर प्रशासन प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
उधर, प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पता चला कि कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत ग्रामीण क्षेत्र के निरीक्षण के लिए आ रहे हैं तो सभी महिलाएं आयुक्त दीपक रावत से मिलने पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने सरकार के खलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आयुक्त से उनके ग्रामीण क्षेत्र में शराब की दुकान न खोलने की अपील की और उन्हें ज्ञापन दिया। जिसके बाद आयुक्त दीपक रावत ने महिलाओं को आश्वासन दिया, उनके द्वारा दिया गया ज्ञापन पर विचार किया जाएगा।