चीन सीमा से करीब 120 किमी दूर स्थित चिन्यालीसौड़ एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड (ALG) पर सोमवार को भारतीय सेना की पैरा यूनिट ने युद्धक तैयारी और साहस का शानदार प्रदर्शन किया। एएन-32 विमान से करीब 25 हजार फीट की ऊंचाई से चार चरणों में कुल 44 पैरा कमांडो ने पैराशूट जंप किया।
35 से 40 किलो वजनी पिट्ठू बैग और युद्धक उपकरणों के साथ सभी कमांडो सुरक्षित रूप से निर्धारित ड्रॉप जोन में उतरे। सीमावर्ती क्षेत्र में हुआ यह अभ्यास विषम परिस्थितियों में त्वरित सैन्य तैनाती, एयरबोर्न ऑपरेशन और ऑपरेशनल समन्वय को परखने का अहम हिस्सा रहा।
अभ्यास के पहले चरण में 11 पैरा कमांडो ने विमान से छलांग लगाकर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे चरण में भी 11-11 जवान सफलतापूर्वक उतरे। लैंडिंग के तुरंत बाद सभी कमांडो अपने सैन्य उपकरणों के साथ निर्धारित अभियान के लिए रवाना हो गए। पूरे अभ्यास के दौरान सेना और वायुसेना के अधिकारी सुरक्षा, संचार और तकनीकी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए रहे।
चार चरणों में पूरा हुआ एयरबोर्न ऑपरेशन
पूरे अभ्यास को चार चरणों में संपन्न कराया गया। प्रत्येक चरण में 11-11 पैरा कमांडो ने निर्धारित ड्रॉप जोन में सटीक लैंडिंग की। सभी जवान अपने साथ आवश्यक युद्धक उपकरण लेकर उतरे और तय समय के भीतर अगले ऑपरेशन के लिए आगे बढ़ गए। अभ्यास के दौरान पूरी कार्रवाई सेना और वायुसेना के अधिकारियों की निगरानी में हुई।
पहले पैराग्लाइडर से दिखाया था दम
मुख्य पैरा जंप से एक दिन पहले रविवार को जवानों ने इंजन चालित सिंगल और डबल सीटर पैराग्लाइडर के जरिए रोमांचक हवाई करतब दिखाए थे। इन करतबों को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पहुंचे थे। पैराग्लाइडरों की सटीक उड़ान और नियंत्रित लैंडिंग ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।