सिमली बेस अस्पताल की मांग पर तेज हुआ आंदोलन, 20 अक्टूबर को CM आवास का घेराव

उत्तराखंड

रुद्रप्रयाग। चमोली जिले के सिमली में बेस अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। वर्षों से घोषणाओं और आश्वासनों के बावजूद अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने अब निर्णायक लड़ाई का ऐलान किया है। सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के नेतृत्व में निकाली जा रही पदयात्रा सोमवार शाम रुद्रप्रयाग पहुंची, जहां स्थानीय लोगों ने आंदोलनकारियों का स्वागत कर उनकी मांग को समर्थन दिया।

संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि 20 अक्टूबर को देहरादून में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। समिति ने चेतावनी दी है कि मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही क्षेत्रीय विधायकों का विरोध करने और आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार का आह्वान करने की बात भी कही गई है।

तीन मुख्यमंत्रियों की घोषणाओं के बावजूद निर्माण का इंतजार

संघर्ष समिति के अनुसार, सिमली में बेस अस्पताल निर्माण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरीश रावत ने अस्पताल निर्माण की घोषणा की थी। इसके बाद वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सिमली में बेस अस्पताल बनाने का ऐलान किया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी है।

समिति का आरोप है कि अस्पताल निर्माण का मुद्दा वर्षों से घोषणाओं और आश्वासनों तक सीमित है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सरकार को केवल आश्वासन देने के बजाय निर्माण प्रक्रिया शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

महापंचायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

बेस अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत के बाद ग्रामीणों को शासन से ठोस निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन समिति के मुताबिक एक माह बीतने के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई। इसके बाद नवरात्र के पहले दिन सिमली से पदयात्रा शुरू की गई, जो सोमवार शाम रुद्रप्रयाग पहुंची।

पदयात्रा अब श्रीनगर की ओर बढ़ेगी। इसके बाद आंदोलनकारी देहरादून पहुंचकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। समिति ने स्पष्ट किया है कि जब तक अस्पताल निर्माण की दिशा में ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

हजारों लोगों को मिल सकती है बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

संघर्ष समिति का कहना है कि सिमली में बेस अस्पताल बनने से चमोली जिले के दूरस्थ क्षेत्रों सहित आसपास के इलाकों के हजारों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। वर्तमान में गंभीर बीमारी, सड़क दुर्घटना और अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को उपचार के लिए दूर स्थित अस्पतालों तक ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता से मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में होने वाली परेशानियां कम होंगी। समिति ने सरकार से पूर्व में की गई घोषणाओं को धरातल पर उतारते हुए अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है।

पदयात्रा में सैकड़ों ग्रामीण शामिल

पदयात्रा में सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, संरक्षक महेश चंद्र डिमरी, उपाध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत, संजय कुमार डिमरी, नरेंद्र सिंह, सिमली के ग्राम प्रधान पंकज, जयदीप गैरोला, रविंद्र खंडूड़ी और भास्करानंद डिमरी सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे।

अस्पताल निर्माण की मांग को लेकर बढ़ते जनसमर्थन के बीच अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। आंदोलनकारियों ने साफ किया है कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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