उत्तराखंड ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में हुए 3.54 लाख करोड़ के एमओयू, मुख्यमंत्री ने की समीक्षा

उत्तराखंड

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ उत्तराखण्ड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए एमओयू के ग्राउंडिंग की समीक्षा की। निवेश हेतु हुए एमओयू को धरातल पर उतारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए मुख्यमंत्री ने उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा के साथ उनसे सुझाव भी लिये तथा निर्देश दिये कि 15 फरवरी तक अधिक से अधिक प्रस्तावों की ग्राउंडिंग हो। प्रति सप्ताह मुख्य सचिव तथा प्रतिमाह मुख्यमंत्री स्वयं इसकी गहनता से समीक्षा करेंगे। निवेश प्रस्तावों में इकोलॉजी तथा इकोनॉमी के समन्वय के साथ युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

बैठक में बताया गया कि इन्वेस्टर्स समिट में विभिन्न विभागों से सम्बन्धित 3.56 लाख करोड़ के 1779 एमओयू हस्ताक्षरित हुए हैं जिनमें ऊर्जा के क्षेत्र में 1.03 लाख करोड़ के 157 तथा उद्योग विभाग से सम्बंधित 78 लाख करोड़ के 658 करार हैं शामिल हैं। राज्य में निवेशकों की सुविधा के लिये उत्तराखण्ड सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ इन्वेस्टमेंट, र्स्टाट अप एंड एंटरप्रेन्योरशिप ( UK-SPISE ) का गठन किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिये गये निर्देशों का भी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिये हम सबके प्रयासों को हर क्षेत्र में सराहा गया है। अब हम सबका दायित्व है कि इन्हें राज्य हित में जमीनी हकीकत में बदला जाय। उन्होंने सभी के सुझावों को ताकत बताकर इसे अवसर में बदलने की भी अपेक्षा की। उन्होंने राज्य हित से जुड़े जरूरी प्रस्तावों को प्राथमिकता देने की भी बात कही।

निवेश हेतु हुए एमओयू को धरातल पर उतारना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी।

मुख्यमंत्री ने शासन के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा के साथ उनसे लिये सुझाव।

5 फरवरी तक अधिक से अधिक प्रस्तावों की हो ग्राउंडिंग।

प्रति सप्ताह मुख्य सचिव तथा प्रतिमाह मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे गहनता से समीक्षा।

निवेश प्रस्तावों में इकोलॉजी तथा इकोनॉमी के समन्वय के साथ युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराना है हमारा लक्ष्य।

समिट में 3.56 लाख करोड़ के 1779 एमओयू हुए हैं हस्ताक्षरित।

ऊर्जा के क्षेत्र में 1.03 लाख करोड़ के 157 तथा उद्योग विभाग से जुड़े 78 लाख करोड़ के 658 करार हैं शामिल

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि सभी विभागीय अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि पहाड़ों के विकास के लिये प्राप्त निवेश प्रस्तावों से क्या बेहतर किया जा सकता है। युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हों इसके लिये रोजगार सृजन पर भी फोकस किया जाय।

मुख्यमंत्री ने लोकल उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रभावी कार्य योजना बनाने को कहा। सौर ऊर्जा क्षेत्र में निवेश प्रस्तावों पर भी विशेष ध्यान देने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने सौर ऊर्जा नीति के तहत अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि हमारे लिये छोटे निवेशक भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मानवीयता तथा शिष्टता के साथ देवभूमि के आचरण के अनुकूल व्यवहार पर भी ध्यान देने को कहा, तभी अधिक से अधिक उद्यमी राज्य में निवेश के प्रति आकर्षित होंगे।

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उत्तराखंड ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 : निवेश के लिए 15 अक्तूबर से मुख्यमंत्री धामी का दुबई दौरा…

उत्तराखंड

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 15 अक्तूबर को वैश्विक निवेशक सम्मेलन में निवेश जुटाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर जाएंगे। अपने इस दौरे में मुख्यमंत्री का अरब देश से रियल एस्टेट, आतिथ्य, लॉजिस्टिक हब और फेसिलिटी मैनेजमेंट सेक्टर के लिए निवेश जुटाने का इरादा है। इस पूरे आयोजन की तैयारी कर रही अफसरों की टीम ने कुछ निवेशकों से संपर्क भी साधा और कुछ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संपर्क कर रही है। इस पूरे आयोजन के समन्वयक मुख्यमंत्री के सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक, उत्तराखंड का प्रतिनिधिमंडल 16 अक्तूबर को दुबई और 17 अक्तूबर को आबूधाबी में अलग-अलग क्षेत्रों के उद्यमियों से अलग-अलग बैठकें करेगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल लंदन जा चुका है, जहां 19,500 करोड़ निवेश के सहमति पत्र हुए। दुबई और आबूधाबी से भी सरकार अच्छे-खासे निवेश की उम्मीद कर रही है।

हैदराबाद में नहीं होगा रोड शो

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव घोषित होने के बाद प्रदेश सरकार ने हैदराबाद में 30 अक्तूबर को प्रस्तावित रोड शो रद्द कर दिया है। अब 26 अक्तूबर को चेन्नई, 28 को बंगलुरू, दो नवंबर को अहमदाबाद और चार नवंबर को मुंबई में रोड शो होंगे।

प्रक्रिया सभी को पूरी करनी होगी

सरकार निवेशकों के साथ बेशक एमओयू कर रही है, लेकिन निवेश करने की अनुमति निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप ही करने दी जाएगी। मसलन, भूमि और निविदा संबंधी शर्तों का सभी को पालन करना होगा। सरकार ने बेशक 2.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है, लेकिन वह लक्ष्य पूरा करने के लिए एमओयू नहीं करेगी।

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