देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी के नाम को लेकर वायरल ऑडियो और वीडियो की जांच के बीच अभिनेत्री उर्मिला सनावर और पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को देहरादून स्थित सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होंगे। सीबीआई की ओर से दोनों को नोटिस जारी किया गया था। अदालत में उर्मिला सनावर के नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट को लेकर सुनवाई होनी है। इस दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि वह इन परीक्षणों के लिए अपनी सहमति स्वतंत्र और स्वैच्छिक रूप से दे रही हैं या नहीं।
सीबीआई ने वायरल ऑडियो की जांच के सिलसिले में उर्मिला सनावर का नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति के लिए अदालत में आवेदन किया है। इन परीक्षणों के लिए उनकी स्वतंत्र सहमति आवश्यक है। अदालत यह सुनिश्चित करेगी कि उनकी सहमति किसी दबाव, धमकी या अनुचित प्रभाव के बिना दी गई है।
उर्मिला सनावर देहरादून रवाना, सुरेश राठौर ने जांच में सहयोग की बात कही
उर्मिला सनावर सहारनपुर से देहरादून के लिए रवाना हो चुकी थीं। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने एक गनर उपलब्ध कराया है। वहीं, पूर्व विधायक सुरेश राठौर पहले ही देहरादून पहुंच चुके थे।
राठौर ने सीबीआई जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है। उन्होंने नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार होने की बात कही और स्पष्ट किया कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है।
21 अक्टूबर को जारी हुआ था अदालत का नोटिस
देहरादून के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप सिंह भंडारी की ओर से 21 अक्टूबर को नोटिस जारी किया गया था। इसमें उर्मिला सनावर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होकर प्रस्तावित परीक्षणों के संबंध में अपनी सहमति की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए थे।
यह मामला सीबीआई की दिल्ली स्थित विशेष जांच शाखा-2 की जांच से संबंधित है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धाराओं 238, 249 और 45 का उल्लेख किया गया है।
इससे पहले 18 अक्टूबर को सीबीआई की टीम ने सहारनपुर स्थित उर्मिला सनावर के आवास पर करीब चार घंटे तक पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें अदालत में उपस्थित होने का नोटिस दिया गया। उर्मिला ने मीडिया को बताया था कि नोटिस वायरल ऑडियो से जुड़े मामले में नार्को टेस्ट के संबंध में है।
बताया गया कि सीबीआई के अधिकारी इससे पहले भी उनके आवास पर पहुंचे थे, लेकिन उस समय उर्मिला और उनके परिवार का कोई सदस्य वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद टीम दोबारा उनके घर पहुंची और पूछताछ के साथ अदालत में पेश होने का नोटिस दिया।
वायरल ऑडियो में कथित वीआईपी को लेकर उठे थे सवाल
दिसंबर 2025 में पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच बातचीत के कथित ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इनसे जुड़े दावों में अंकिता भंडारी हत्याकांड के कथित वीआईपी के रूप में भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम और अजय कुमार के नाम लिए गए थे। इन दावों के बाद मामले की जांच और कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने की मांग तेज हुई थी। अंकिता के पिता ने भी मामले की जांच की मांग उठाई थी।
हालांकि, वायरल ऑडियो-वीडियो में किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी आवश्यक है। संबंधित व्यक्तियों के नाम सामने आने मात्र से किसी की संलिप्तता साबित नहीं होती।
दुष्यंत गौतम ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया था। जनवरी 2026 में उन्होंने सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के खिलाफ देहरादून के डालनवाला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनके खिलाफ भ्रामक ऑडियो-वीडियो तैयार कर प्रसारित किए गए।
इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम की मानहानि याचिका पर अंतरिम राहत देते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य सोशल मीडिया हैंडल को संबंधित आपत्तिजनक सामग्री हटाने के निर्देश दिए थे।
दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति के बाद भी उठा मुद्दा
दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा में आया। इस मामले में सीबीआई की जांच के तहत संबंधित लोगों से पूछताछ की गई है। पूर्व विधायक सुरेश राठौर से भी एजेंसी पूछताछ कर चुकी है।
अब वायरल ऑडियो की सत्यता और उससे जुड़े दावों की जांच के बीच उर्मिला सनावर के प्रस्तावित नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
18 सितंबर 2022 को पौड़ी जिले के वनंत्रा रिजॉर्ट में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। अंकिता इस रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। मामले में सामने आए आरोपों के अनुसार, उस पर एक कथित वीआईपी को विशेष सुविधाएं देने के लिए दबाव बनाया गया था। हालांकि, इस कथित वीआईपी की पहचान को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
इस मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को दोषी ठहराया गया था। तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई।
फिलहाल, वायरल ऑडियो और उससे जुड़े आरोपों की जांच जारी है। अदालत में होने वाली सुनवाई के दौरान उर्मिला सनावर की सहमति की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही प्रस्तावित नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट की प्रक्रिया पर आगे निर्णय लिया जा सकेगा।
