देश की अर्थव्यवस्था पर हमला नाकाम! हरिद्वार पुलिस ने जाली नोट छापने वाली फैक्ट्री का किया भंडाफोड़, 3 शातिर गिरफ्तार

अपराध उत्तराखंड

हरिद्वार। हरिद्वार पुलिस ने नकली नोट छापकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह की जड़ पर प्रहार किया है। SSP हरिद्वार के निर्देशन में कोतवाली श्यामपुर पुलिस की टीम ने दो दिन पहले बरामद ₹52,500 नकली नोटों के मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए बड़ी सफलता हासिल की।

29 जून 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति क्विड कार (UK-08BG-6798) से नकली नोट छापने के उपकरण व छपे नोटों को बड़ापुर (बिजनौर) की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए लालढांग तिराहे पर घेराबंदी की गई और वाहन को रोका गया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से नकली नोट छापने का सामान तथा बड़ी मात्रा में जाली नोट बरामद किए।

बरामदगी का विवरण:

• ₹50,000 के लगभग छपे हुए 500 रुपये के नकली नोट (25 पेपरशीट, कटिंग शेष)
• 4 असली 500 रुपये के नोट (जिनसे नकली नोट छापे गए)
• 1 लैपटॉप (एवं चार्जर)
• 1 प्रिंटर (HP कंपनी)
• 1 प्रिंटर (कैनन कंपनी)
• 5 मोबाइल फोन

आरोपियों के नाम व पता:

1. देवेंद्र कुमार पुत्र अशोक कुमार, निवासी सरदारपुर छांमली, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उ.प्र.), उम्र 31 वर्ष
2. गुलजार अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, निवासी टांडा सिक्कावाला, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उ.प्र.), उम्र 30 वर्ष
3. शगुन जोशी पुत्र पवन जोशी, निवासी लालढांग, थाना श्यामपुर, जिला हरिद्वार, उम्र 26 वर्ष

पूछताछ में खुलासा:

आरोपियों ने बताया कि गुलजार ऑनलाइन नकली नोट छापने वाला पेपर मंगवाता था। शगुन जोशी असली नोट की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर और एप की मदद से उसकी गुणवत्ता बढ़ाता था। देवेंद्र कुमार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने बड़ापुर में करीब ₹1 लाख के नकली नोट छापे थे, जिनमें से ₹60,000 के नोट मार्केट में चलाए जा चुके थे। लालच बढ़ने पर तीनों ने शिवम (देवेंद्र का जीजा) को भी गिरोह में शामिल किया।

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