सड़े-गले अंडे देकर गर्भवती महिलाओं व बच्चों के जीवन से खिलवाड़, जन संघर्ष मोर्चा ने उठाया मामला

उत्तराखंड देहरादून

विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा टीम ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में आंगनबाड़ी केंद्रों द्वारा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को दिए जाने वाले अंडों की गुणवत्ता परखी। टीम ने अंडों का आकार व उनमें कीड़े निकलने व सड़े-गले होने पर हैरानी जताई।

नेगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को अंडों की सप्लाई देने वाले ठेकेदार (तथाकथित अथर्व एंटरप्राइजेज) द्वारा इतने छोटे अंडे दिए जाते हैं कि उनको ‘अंडिया’ कहना पड़ रहा है। अंडे फोड़ने पर कई अंडों से बदबू आ रही है, जो कि एक तरह से गर्भवती महिला एवं बच्चों के जीवन से खिलवाड़ है। कई बार दो-तीन माह का कोटा यानी थोक में अंडे आंगनबाड़ी केंद्रों को थमा दिए जाते हैं।

इस संबंध में नेगी ने निदेशक बाल विकास बंसी राणा से दूरभाष पर वार्ता कर नाराजगी जताई। राणा ने कहा कि अंडों के आकार के संबंध में पूर्व में भी लिखा-पढ़ी हुई थी।

मोर्चा ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर अपनी स्वार्थ पूर्ति के चक्कर में क्यों महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य इनके जीवन से खिलवाड़ कर रही हैं? क्यों इनका नियंत्रण संबंधित ठेकेदार/कंपनी पर नहीं है? क्यों इतने गंभीर मामले में संज्ञान नहीं लिया जा रहा है?

इस गंभीर लापरवाही के मामले में मोर्चा सरकार से मांग करता है कि ऐसी गैरजिम्मेदार मंत्री को बाहर किया जाए।

मोर्चा टीम में दिलबाग सिंह, पछवादून अध्यक्ष अमित जैन व ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद थे।

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