रानीबाग हादसा: तेज रफ्तार रोडवेज बस ने 4 साल की कनक को कुचला, मौत के बाद बवाल—हाईवे जाम

उत्तराखंड

हल्द्वानी के रानीबाग में रोडवेज बस की टक्कर से मासूम कनक की मौत। गुस्साए लोगों ने बस में की तोड़फोड़ और नैनीताल हाईवे जाम किया। पुलिस ने चालक को लिया हिरासत में।

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रानीबाग क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। आंगनबाड़ी केंद्र से अपनी मां के साथ घर लौट रही चार साल की मासूम बच्ची, कनक, को रुद्रपुर डिपो की तेज रफ्तार रोडवेज बस ने कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने नैनीताल-भीमताल हाईवे पर जमकर हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार, रानीबाग निवासी जीवन लाल की पत्नी राजकुमारी अपनी बेटी कनक और पड़ोस के तीन अन्य बच्चों को आंगनबाड़ी से लेकर घर लौट रही थी। सड़क पार करते समय सामने से आ रही तेज रफ्तार बस ने कनक को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि कनक की मां और अन्य बच्चे पीछे हटने की वजह से बाल-बाल बच गए। मासूम की मौत के बाद चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।

आक्रोशित भीड़ ने रोडवेज बस पर पथराव कर उसके शीशे तोड़ दिए और बस के भीतर भी भारी तोड़फोड़ की। गुस्साए लोगों ने बस चालक की भी जमकर पिटाई कर दी, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही एसओ विमल मिश्रा और पुलिस बल मौके पर पहुँचा। प्रदर्शनकारियों ने बच्ची के शव को एंबुलेंस से उतारकर सड़क पर रख दिया और मुआवजे व चालक के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर हाईवे जाम कर दिया।

इस विरोध प्रदर्शन के कारण नैनीताल हाईवे पर करीब पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे भीषण गर्मी में पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोग सड़क से हटने को तैयार हुए। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह ओवरस्पीड का मामला लग रहा है। पुलिस ने बस को सीज कर चालक को हिरासत में ले लिया है।

हादसे के बाद कनक के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। जीवन लाल अपनी इकलौती बेटी को खोने के गम में सुध-बुध खो बैठे हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों और रिहायशी इलाकों में रोडवेज बसों की अनियंत्रित रफ्तार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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