सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए जिलों में बनेंगी टीमें, सीएम धामी ने की उच्च स्तरीय बैठक 

उत्तराखंड

देहरादून: सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त करना शासन-प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है. बीते काफी समय से धामी सरकार ने सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान छेड़ रखा है. हालांकि अब सरकार इस मामले और सख्ती बरतने वाली है. इस मसले पर शुक्रवार 27 जून को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें सीएम धामी ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश दिए.

बैठक में सीएम ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण को हटाने की समीक्षा की. इस दौरान सीएम ने कहा कि पहले ही सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे हटाए जाने की कार्ययोजना बनाए जाने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं, जिसको लागू करने के लिए जिला स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाये. जिला स्तर पर सिंचाई, लोक निर्माण, वन विभाग और राजस्व विभाग की टीम बनाकर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जाये. साथ ही प्रमुख सचिव को राज्य के मैदानी क्षेत्रों में अतिक्रमण के मामलों को देखने के लिए शासन स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए.

सीएम ने हरिद्वार में गंगा किनारे, रुद्रपुर में कल्याणी नदी किनारे और नैनीताल जिले में कोसी समेत अन्य नदियों के किनारों पर भी अतिक्रमण को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. सीएम ने सरकारी भूमि को कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने और कूट रचना कर जमीनों के फर्जी दस्तावेज बनाए जाने के मामलों पर भी प्रभावी रोक लगाने के उपाय करने के निर्देश दिए.

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एडीजी एपी अंशुमान को बाहरी लोगों के सत्यापन के लिए नियम और कड़े करने को कहा है. बैठक के दौरान एडीजी ने कहा कि सत्यापन के लिए 18 बिंदुओं पर आख्या मांगी जा रही है, जिसका डेटा राज्य स्तर पर भी एकत्र किया जा रहा है.

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