सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर POCSO एक्ट में मुकदमा, दो छात्राओं से छेड़छाड़ का आरोप

अपराध उत्तराखंड देहरादून

देहरादून: Rishikesh से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक पर दो नाबालिग छात्राओं से छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में एक छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है, जबकि अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

ऑफिस में बुलाकर की गलत हरकत का आरोप

जानकारी के अनुसार घटना बीते मंगलवार की बताई जा रही है। आरोप है कि स्कूल में पढ़ने वाली 14 और 13 वर्षीय दो छात्राओं को प्रधानाध्यापक ने अपने कार्यालय में बुलाया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया। छात्राओं के मुताबिक इस घटना के बाद वे काफी डरी और सहमी हुई थीं।

घर पहुंचकर छात्रा ने बताई पूरी घटना

पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी जब स्कूल से घर लौटी तो वह बेहद घबराई हुई थी। परिवार के पूछने पर उसने रोते हुए पूरी घटना की जानकारी दी। छात्रा ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने उसे और उसकी सहेली को ऑफिस में बुलाया था, जहां उनके साथ गलत हरकत की गई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन तुरंत स्कूल पहुंचे, लेकिन आरोपी प्रधानाध्यापक वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

POCSO एक्ट में मुकदमा दर्ज

मामले में कोतवाल Kailash Chandra Bhatt ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और छात्राओं के बयान सहित अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना के समय स्कूल में कौन-कौन मौजूद था और क्या इससे पहले भी ऐसी कोई शिकायत सामने आई थी।

अभिभावकों में भारी आक्रोश

घटना सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाता है, लेकिन यदि वहीं इस तरह की घटनाएं सामने आएं तो यह बेहद चिंता का विषय है।

अभिभावकों ने आरोपी प्रधानाध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि छात्राओं की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

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